दुनिया के सामने आई ब्लैक होल की पहली तस्वीर, यह सूरज से 600 अरब गुना बड़ा है


Black hole की first image हुई leak , यह सूरज से 600 अरब गुना बड़ा है

दुनिया के सामने आई ब्लैक होल की पहली तस्वीर, यह दावा किया जाता है कि यह सूरज से 600 अरब बड़ा है वैज्ञानिकों ने इसे एक बड़ी उपलब्धि मानते हुए ‘ब्रेकथ्रू' करार दिया| वैज्ञानिकों का यह मानना है कि यह एक ऐतिहासिक पल है क्योंकि से ब्रह्मांड के रहस्य को समझने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे|

वैज्ञानिकों के मुताबिक ब्लैक होल पृथ्वी से 5.35 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर एम-87 आकाशगंगा के बीच स्थित है| यह भी दावा किया गया है कि यह सूरत से 600 गुना बड़ा है| ब्लैक होल के तस्वीर को रिकॉर्ड करने के लिए दुनिया के 6 देश जैसे हवाई, एरीजोना, मैक्सिको, चिली, स्पेन और दक्षिणी ध्रुव में इवेंट होरीजोन टेलिस्कोप लगाया गया था|

इसका निर्माण खासतौर पर ब्लैक होल की तस्वीर कैप्चर करने के लिए ही किया गया था| दावा किया जाता है कि सैद्धांतिक तौर पर ब्लैक होल एक ऐसा ब्रह्मांडीय जाल है जिससे कोई भी भौतिक द्रव्य या प्रकाश लौट कर वापस नहीं आ सकता है|
बड़े-बड़े वैज्ञानिकों के मुताबिक ब्लैक होल ऐसी शक्ति है जिसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र बहुत शक्तिशाली होता है| शक्तिशाली होने की वजह से इसके खिंचाव से कोई भी नहीं बच सकता| ब्लैक होल के चारों ओर एक सीमा होती है जिसे छितिज कहते हैं इसमें वस्तु या फिर कोई भी चीज गिर जाए तो वह वापस कभी नहीं आ सकती इसलिए इसका नाम ब्लैक होल रखा गया है|

जैसा कि आप ऊपर चित्र में देख रहे होंगे कि ब्लैक होल की तस्वीर बहुत ही ज्यादा धुंधली है इसका कारण यह है कि यह बहुत ही ज्यादा दूर है और बहुत ही ज्यादा बढ़ा है इसलिए इसको कैप्चर करने वाले लेंस बहुत ही ज्यादा झूम कर दिया गया था जिसके कारण यह तस्वीर धुंधली निकली है

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस तस्वीर की साइज 10,00,000 GB है| आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप जो ऊपर ब्लैक होल की तस्वीर देख रहे हैं बहुत 2 साल पुरानी कैप्चर की गई है लेकिन वैज्ञानिकों को पूरे 2 साल लगे इसको रेंडर करके आउटपुट निकालने में|

 भौतिक शास्त्र ने हमारे धरती पर इवेंट होराइजन नाम के पूरे 8 टेलिस्कोप के टीम को तैनात किया था| हमारे यह 8 टेलीस्कोप quantum clocks का इस्तेमाल कर ब्लैक होल का बारीकी से ऑब्जर्वेशन कर कर रहे थे। इतना ही नहीं इनाडु टेलीस्कोप को मिलाकर एक वर्चुअल को मिलाकर एक वर्चुअल टेलिस्कोप भी बनाया गया था जो कि आठों टेलिस्कोप की डाटा को अपडेट करता था।
 अंत में वैज्ञानिकों वैज्ञानिकों ने ब्लैक होल की फाइनल और रियल इमेज निकाली। और उन्हें जो इमेज मिला वह पूरे 10,00,000 गीगाबाइट का था। और इस इमेज को इमेज को US और जर्मनी के लैब ने मिलकर रेंडर किया किया। और इसका जो फाइनल आउटपुट निकला जो फाइनल आउटपुट निकला वह आप उपर इमेज में इमेज में इमेज में देख सकते हैं।

 और इस पूरे काम को 200 से भी ज्यादा पूरे काम को 200 से भी ज्यादा वैज्ञानिकों ने मिलकर सफल किया है है। जो विपरीत हालात तो मेरी मेरी हालात तो मेरी मेरी तो मेरी काम करते रहे।

ब्लैक होल की परिक्रमा 20 साल में कर पाते हैं तारे

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के खगोल वित्त और ब्लैक होल के विशेषज्ञ बोल मै किनारा ने कहा है कि पिछले 50 साल से ज्यादा समय से बड़े-बड़े वैज्ञानिकों ने देखा है कि हमारी आकाशगंगा के केंद्र में कुछ बहुत ज्यादा चमकीला है| जिस का दावा किया गया है कि वह ब्लैक होल ही है| ब्लैक होल में इतना मजबूत गुरुत्वाकर्षण है कि तेरे 20 साल में इसकी परिक्रमा कर पाते हैं हमारे सौर प्रणाली में आकाशगंगा की परिक्रमा में 10 करोड़ साल लगते हैं|

 तो दोस्तों आज मैंने आपको ब्लैक होल के बारे में बताएं अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और इस वेबसाइट पर विजिट करते रहे जिससे आपको लेटेस्ट इंफॉर्मेशन सबसे पहले मिलती रहे.