Safety for girl 

Actually मैंने ये topic इसलिए उठाया है क्योंकि friends आज के date में लड़कियों पर जिस तरह से अत्याचार हो रहा है, जिस तरह से लड़कियां इस चीज़ की शिकार हो रही है। यह सहज बात नही है। पता नही इन दरिंदो को कब अकल आएगा । 

Article on girl safety

मुझे तो समझ नही आता। अरे यार इन शैतानों की क्या माँ , बहन नही है। अपनी माँ, बहन को तो बार इज्जत देते है और दूसरे को, अरे दूसरे को भी माँ, बहन समझो न। क्यों, तुम्हारी माँ, बहन तुम्हारी है और दूसरे की माँ, बहन क्या दूसरे की नही है। अरे वो भी तो किसी का माँ होगी न ,वो लड़की भी तो किसी की बहन होगी न। अरे दूसरे को भी माँ, बहन समझो न। जो बड़ी है उनको माँ समझो और जो छोटी है उनको बहन समझो।

आयदिन newspaper में इस तरह की खबरे सुनने को मिलती रहती है। अगर आज के date में girls के लिए safety कहा जाए तो कहीं से ये word attach नहीं हो सकते , क्योंकि आज के date में इनलोंगो ने इसको जड़ से हटा दिया है।

पहले teenager के साथ अब तो बच्चियों को भी नही छोड़ा। महज तीन साल, चार साल, पांच साल, दस साल बताओ सोचकर भी शर्म आती है। और इन दरिंदो को क्या करते शर्म नही आती, उस बच्ची के बजाय अपनी बेटी को रखके देखे तो क्या इन बेशर्मो का हाथ भी उठेगा नही न। यार दूसरी बच्ची को भी अपनी बच्ची समझो न, क्या दिक्कत है?

पहले तो थोड़ा adult इस तरह का काम करते थे लेकिन अब तो यार बूढ़े सब को देख लो मतलब थोड़ी भी शर्म नाम की चीज़ नही है और इनसब को देखते -2 आजकल के नौजवान भी इस तरह की हरकत करने लग गए है जो महज 16,18,20,22 उम्र के है वो भी इसमें शामिल है।

प्रतिदिन newspaper में, radio में, television में, खबरें सुनने को मिलती है की आज उस लड़की के साथ छेड़खानी की तो उस महिला के साथ। क्या ये बंद नही होगा? आज के date में ये चीज इतनी तेजी से बढ़ते जा रहा है कि लड़कियां खुल कर सांस नही ले पा रही है। अरे यार girls के लिए safety कहां चली गई। आज के तारीख में अपने गली, मोहल्लों में भी निकलने से डर लगता है, पता है क्यों?

क्योंकि जिन्हें हम अपना कहते है जो कि हमारे गली में रहते है, मोहल्लों में रहते है। जिसे हम जानते है, जो हमे जानते है वो ही इस तरह की हरकत करता है। हम सोचते है कि वह व्यक्ति हमारे जान पहचान का है उससे हमें ओर safety मिलेगी पर उसी व्यक्ति से हमे हमारे safety के बदले क्या मिलता है unsafety . वही हमारे साथ उस तरह का काम करता है। अब बताइए आज के date में हम भरोसा करें तो करें कैसे? ऐसा प्रतीत होता है कि future में भरोसा नाम का शब्द बचेगा ही नहीं। 

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एक शिक्षक जो कि हमें ज्ञान देता है, सही और गलत का फर्क बताता है। वह कहते हैं सही मार्ग पर चलो सफलता जरूर मिलेगी। इस तरह का पाठ पढ़ाते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि मैं इस तरह की बातें क्यों कर रही हूं तो मैं आपकी सारी confusion दूर करने वाली हूं। Actually मैंने एक story, story not its a reality मैंने न्यूज़पेपर में पढ़ी थी कि एक student जो कि एक Institute में इंजीनियरिंग की तैयारी करने जाया करती थी और उसी institute का head उसके साथ दुर्व्यवहार करने की कोशिश करता है।

        अब बताइए एक टीचर हो कर भी इस तरह की हरकत कर सकता है। Actually मुझे इस तरह से नहीं बोलना चाहिए था But क्या करूं, यार चुपचाप नहीं बैठा जाता कब ये लोग सुधरेंगे, क्या मिलता है इन लोगों को यह सब करके, Life तो ख़राब हो जाती है लड़की की न।

अगर आप अपने देश में यानि भारत में घूमने निकलेंगे तो पता नही ऐसे कितने सारे बाबा मिलेंगे जो कि चमत्कार दिखाने का दावा करते है। अब देख लीजिए इन्हीं बाबाओ को, लोग यानी इनके भक्त इन्हें भगवान की तरह पूजते है। लेकिन इन्हीं बाबाओं को देख लीजिए जो अपने ही भक्त के आस्था और विश्वास के साथ किस तरह से खिलवाड़ करते हैं।

यही पाखंडी बाबा धोखाधड़ी, रेप, मर्डर, और पता नहीं ऐसे कितने सारे पापो को अंजाम देते है। अभी मैं ऐसे ही कुछ पाखंडी बाबाओं के नाम बताऊंगी जो कि इन सब कामों को अंजाम देते है:-
  1. जलेबी बाबा
  2. बाबा गुरमीत राम रहीम
  3. नित्यानंद स्वामी
  4. स्वामी परमानंद
  5. स्वामी भीमानंद महाराज
  6. आसाराम बापू
  7. बाबा रामपाल
  8. राधे माँ
अभी तो ये कुछ ही बाबा और पता नहीं कितने सारे ओर बाबा का पोल खुलना बाकी है। ये ढोंगी बाबा कहते है की हम धर्म के रास्ते पर चलने वाले इंसान है, हम धर्मात्मा है, हम परमात्मा के अलावा कही मैन नही लगाते, हम सही पथ पर चलने वाले इंसान है। अब बताइए यही धर्मात्मा जो कि धर्म के रास्ते पर चलते है ये धर्म भ्रष्ट कैसे हो गए। इन्हीं कारणों की वजह से धीरे धीरे लोगों का विश्वास अब इन बाबाओं के ऊपर से उठने लगे गया है।

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और उठेगा भी क्यों नहीं? बताइए! जब यही बाबा ठीक होने का हवाला देकर इस तरह की गंदी हरकत करेगा, तो क्यों नहीं विश्वास उठेगा।

और हमारे नेतागण जो की लड़कियों की सुरक्षा का प्रचार करते- फिरते है। अगर वो भी इस तरह का काम करेंगे तो लोग उनसे क्या उम्मीद करेगी। कुछ दिन पहले Muz dist. में बालिका गृह कांड में कुछ मंत्री का हाथ सामने आया है, मतलब कुछ मंत्री या कहो मंत्री के Relative पर आरोप है। अब बताइए !

And In Lastly हमारे देश के, समाज के संरक्षक, सुरक्षा कर्मी, हमारे Police Officer जो कि वचन लेते हैं, हम अपने तन मन धन से जनता की सेवा करेंगे। जनता पर किसी भी तरह का कोई भी आंच नहीं आने देंगे, जनता की सुरक्षा अब हमारे हाथ में है। अब यही जनता के रक्षक , भक्षक कैसे बन गए। एक तो ये लोग जब इस तरह का केस आता है , तो ये लोग जल्दी action ही नहीं लेते हैं। Matter को Serious नहीं लेते हैं, और जब ये शिकायत दर्ज करवाने जाते हैं, तो उन्हीं के साथ इस तरह का काम करते हैं। 

आपको ये लग रहा होगा कि मै मंगणत कहानी बना रही हूं। जी नही! Actually मैंने इस तरह का केस Newspaper में पढ़ा था। अब बताइए जनता तो इन्हीं के ऊपर निर्भर है ना, कि कुछ भी गलत काम होता है तो वे दौड़े - दौड़े इनके पास आ जाते हैं कि यही हमें बचाएंगे, यही इस प्रॉब्लम से हमें उभारेंगे। 

लेकिन जब यही लोग इस तरह का काम करेंगे तो जनता किस पर विश्वास करेगी। अब बताइए न्याय के लिए Girls किस का दरवाजा खटखटाएँगी? जब यही रक्षा का वचन देकर इस तरह का काम करेंगे तो लोग किसके ऊपर विश्वास करेंगे मतलब तो यही हुआ न कि Girls के लिए Safety कहीं से नहीं है ।

I'll Wait For That Day जिस दिन Girls Freely होकर घूम पाएंगी। जिस दिन ये मुखोटा हटाकर चल पाएंगी और जिस दिन यह सर उठा कर बिना किसी खौफ या डर के चल पाएंगी।

So last में एक ही option बचता है self defence आत्म रक्षा। Because self defence is the best way to protect itself. Aur इसके लिए girls को strong यानि सशक्त होना पड़ेगा mentally और physically रूप से।
अगर आप भी girls के favour में है तो एक Like जरूर करें और comment करके बताएं कि हमारा Article आपको कैसा लगा।